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Tuesday, August 4, 2026

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लोक गायिका रजनी राजपूत के प्रथम गाना खुदेंदु पराण के लॉन्चिंग कार्यक्रम पर ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट





ठाकुर सुरेंद्र पाल परमार की रिपोर्ट

लोक गायिका रजनी राजपूत के पहले गीत 'खुदेंदु पराण' का विमोचन, पहाड़ के ड्राइवरों के संघर्ष और समर्पण को मिली मधुर अभिव्यक्ति*

उत्तरकाशी। उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने की दिशा में सीमांत जनपद उत्तरकाशी की उभरती हुई लोक गायिका रजनी राजपूत ने अपने प्रथम गीत "खुदेंदु पराण" के साथ संगीत जगत में प्रभावशाली शुरुआत की है। पर्वतीय क्षेत्रों के वाहन चालकों के संघर्ष, जिम्मेदारियों, त्याग और भावनाओं पर आधारित यह गीत रिलीज होते ही श्रोताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है। गीत में पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में दिन-रात यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने वाले ड्राइवरों के जीवन की वास्तविक तस्वीर को बेहद संवेदनशील और भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।

रजनी राजपूत ने अपनी मधुर आवाज के माध्यम से पहाड़ के उन मेहनतकश चालकों के जीवन को स्वर दिए हैं, जो विषम परिस्थितियों, संकरी और जोखिमभरी सड़कों पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए परिवार और समाज की उम्मीदों को पूरा करते हैं। गीत के बोल न केवल उनके संघर्ष को दर्शाते हैं, बल्कि उनके परिवार से जुड़ी भावनाओं और आत्मीय रिश्तों को भी जीवंत रूप से सामने लाते हैं। यही कारण है कि यह गीत श्रोताओं के दिलों को छू रहा है।

उत्तराखंड के लोक संगीत में लंबे समय से प्रेम, प्रकृति और पारंपरिक लोकजीवन पर आधारित गीतों का विशेष स्थान रहा है। ऐसे समय में "खुदेंदु पराण" जैसे विषय को चुनकर रजनी राजपूत ने समाज के उस वर्ग को सम्मान देने का प्रयास किया है, जो अक्सर अपनी जिम्मेदारियों के बीच गुमनाम रह जाता है। गीत के माध्यम से पर्वतीय परिवहन व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ड्राइवरों के जीवन संघर्ष को नई पहचान मिली है।

रजनी राजपूत ने कहा कि यह गीत उन सभी वाहन चालकों को समर्पित है, जो हर मौसम और हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए लोगों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रोता इस गीत को भरपूर प्रेम और आशीर्वाद देंगे तथा उत्तराखंड की लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

गीत के लॉन्च होने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। संगीत प्रेमी रजनी राजपूत की सुरीली आवाज, गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति और ड्राइवरों के जीवन पर आधारित अनूठी विषयवस्तु की सराहना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह गीत न केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में मेहनतकश वाहन चालकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश भी देगा।

रजनी राजपूत का यह पहला गीत उनकी संगीत यात्रा की एक सशक्त शुरुआत माना जा रहा है। लोक संस्कृति से जुड़े लोगों का विश्वास है कि आने वाले समय में वह अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश तक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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